Makar Sankranti Shayari: जो पतंगों की तरह आपके जश्न को ऊंचाइयों तक ले जाएंगी। पढ़ें और अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें।
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#Makar Sankranti Shayari: पढ़ें और शेयर करें बेहतरीन कलेक्शन
पतंगों का त्योहार आया,
संग खुशियों का बौछार लाया।
सूरज की गर्मी संग लहराई,
हर्ष-उल्लास की मकर संक्रांति आई।
आओ मिलकर पतंग उड़ाएं,
खुशियों के रंग सबको दिखाएं।
हवा में तैरते अरमान हमारे,
मकर संक्रांति पर संग मुस्काएं।
खिचड़ी की खुशबू, तिल-गुड़ की मिठास,
मकर संक्रांति लाए हर दिल में खास।
सूरज की पहली किरण संग मुस्कान,
त्योहार ये लाए खुशियों का पैगाम।
तिल-गुड़ का मीठा हो हर रिश्ता,
पतंगों से ऊंचा हो हर सपना।
मकर संक्रांति की शुभकामनाएं,
आपके जीवन में खुशियां आएं।
सर्दी की विदाई संग गर्मी की दस्तक,
मकर संक्रांति पर खुशियों की झलक।
पतंगों का जोश, तिल का स्वाद,
हर दिल में हो खुशियों की बात।
मकर संक्रांति का पर्व है आया,
सूरज ने अपने घर को है सजाया।
पतंगों से भरा आकाश का कोना-कोना,
खुशियों से हर दिल को है महकाया।
तिल-गुड़ की मिठास संग रिश्तों की मिठास,
पतंगों के रंग लाएं हर दिल को पास।
मकर संक्रांति पर बंधे ये धागा,
हर रिश्ते में भर दे नया उजाला।
सूर्य देव का आशीर्वाद मिले,
हर मन में नया विश्वास जले।
पतंगों के संग खुशियां बिखेरें,
मकर संक्रांति पर सपने सवेरें।
लहराती पतंगें, चमकता आसमान,
मकर संक्रांति लाए खुशियों का सामान।
तिल और गुड़ से हो मीठी शुरुआत,
हर दिन बने खास, हर पल खास।
सर्द हवाओं का अब होगा विदाई,
गर्मी की दस्तक, मौसम की रवाई।
मकर संक्रांति पर बांटे प्यार,
पतंगों से सजाएं सपनों का संसार।

Makar Sankranti Shayari: रिश्तों में मिठास घोलने वाली शायरी
उड़ती पतंगों में बसते अरमान,
मकर संक्रांति लाए खुशियों का पैगाम।
तिल-गुड़ से रिश्ते हो गहरे,
हर दिल से निकले शुभकामनाओं के बहरे।
ऊंची उड़ान भरें, सपनों के संग,
मकर संक्रांति पर हर दिल हो दंग।
खुशियों की किरण हर कोने में छा जाए,
त्योहार ये हर जीवन महका जाए।
खिचड़ी की खुशबू, तिल का मिठास,
मकर संक्रांति पर हर दिन बने खास।
पतंगों का त्योहार लाए उमंग,
हर मन हो खुश, हर जीवन में रंग।
सूरज की किरण संग नई शुरुआत,
मकर संक्रांति लाए सुखद प्रसाद।
तिल-गुड़ की मिठास से सजाएं त्योहार,
हर पल में हो खुशियों की भरमार।
पतंगों की उड़ान में दिखता जोश,
मकर संक्रांति पर है हर कोई खास।
सूरज देवता का आशीर्वाद मिले,
हर मन का सपना साकार खिले।
पतंगों के संग उड़ाएं सपने,
मकर संक्रांति पर मनाएं अपने।
हर दिशा में छाए खुशहाली,
त्योहार ये लाए सुख की लाली।
तिल का स्वाद और गुड़ की मिठास,
मकर संक्रांति लाए हर दिल को पास।
सूरज की रौशनी संग नई उम्मीद,
हर दिन हो खुशियों का गीत।
लहराती पतंगें, मस्ती का आलम,
मकर संक्रांति पर खुशियों का संगम।
तिल-गुड़ संग मनाएं त्योहार,
हर दिल में हो प्रेम का आधार।
सूरज की नई किरण संग नई आशा,
मकर संक्रांति लाए खुशियों की भाषा।
तिल-गुड़ का स्वाद, पतंगों का जोश,
जीवन में हो हर दिन खास।
खिचड़ी के संग तिल का तड़का,
मकर संक्रांति पर हर दिल महका।
पतंगों की तरह ऊंची उड़ान भरें,
खुशियों का रंग हर जगह बिखेरें।

Makar Sankranti Shayari: त्योहार की खास शायरी का संगम
पतंगों की डोर में बंधे हर रिश्ता,
तिल-गुड़ से मीठा हो हर हिस्सा।
मकर संक्रांति पर लाएं मुस्कान,
हर दिल में बसे खुशियों का जहां।
मकर संक्रांति का पर्व मनाएं,
खुशियों के दीप हर जगह जलाएं।
पतंगों के संग हर सपना सजाएं,
हर पल में प्रेम की धारा बहाएं।
तिल का मीठा और गुड़ का स्वाद,
मकर संक्रांति लाए खुशियों की बात।
सूरज की गर्मी संग नई उम्मीद,
हर जीवन में हो खुशियों की नींव।
सर्दी की विदाई संग खुशी का त्योहार,
मकर संक्रांति लाए प्रेम अपार।
पतंगों से सजाएं सपनों का आसमान,
खुशियों की हर दिशा में हो पहचान।
पतंगों का खेल, तिल-गुड़ की मिठास,
मकर संक्रांति लाए हर दिल को पास।
सूरज की किरण संग नई रोशनी,
हर जीवन में हो खुशियों की बौछार।
मकर संक्रांति का है ये त्योहार,
सूरज देवता का आशीर्वाद अपार।
तिल-गुड़ के संग हर मन खिलखिलाए,
खुशियों के गीत हर जगह गाए।
पतंगों के संग उड़े हर सपना,
मकर संक्रांति पर हर मन अपनापन।
तिल-गुड़ की मिठास से सजे रिश्ते,
हर दिल से निकले शुभकामनाओं के सन्देश।
सूरज की किरण संग नई रोशनी,
मकर संक्रांति पर हर दिशा में खुशी।
पतंगों का त्योहार लाए उमंग,
हर मन में बसें प्यार के रंग।
तिल-गुड़ का स्वाद, पतंगों का मज़ा,
मकर संक्रांति पर खुशियों का समां।
हर दिल से निकले बस एक बात,
खुश रहो आप हर दिन, हर रात।
पतंगों की डोर से बंधे रिश्ते,
मकर संक्रांति पर हर दिल हंसे।
तिल-गुड़ संग बांटें प्यार,
त्योहार लाए खुशियों का संसार।