8वां वेतन आयोग 8वां वेतन आयोग की शुरुआत हो गई है, लेकिन कर्मचारियों की खुशी अधूरी रह गई है। फिटमेंट फैक्टर को लेकर बढ़ी चिंता, जानिए इस बार क्या बदलाव होने वाले हैं और सैलरी बढ़ोतरी पर इसका क्या असर पड़ेगा।
8वां वेतन आयोग फिटमेंट फैक्टर पर क्यों बढ़ी कर्मचारियों की चिंता
8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर पर कर्मचारियों की चिंता बढ़ने के कई कारण हैं। फिटमेंट फैक्टर को वेतन वृद्धि में एक महत्वपूर्ण घटक माना जाता है, जो कर्मचारियों के बेसिक वेतन को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है। इस बारfitमेंट फैक्टर को लेकर जो संशोधन प्रस्तावित हैं, वे कर्मचारियों की उम्मीदों के मुताबिक नहीं हैं, जिससे उनका वेतन लाभ कम हो सकता है।
8वां वेतन आयोग शुरू जानिए इसका प्रभाव किस पर पड़ेगा

सरकार ने 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इस आयोग का उद्देश्य कर्मचारियों के वेतन ढांचे को वर्तमान महंगाई दर और आवश्यकताओं के अनुसार संशोधित करना है। उम्मीद की जा रही है कि अगर नया आयोग बनता है, तो 2026 से इसका लाभ मिलना शुरू होगा। कर्मचारियों को वेतन में बड़े सुधार की उम्मीद है, खासकर जूनियर और मिड-लेवल ग्रेड के कर्मचारियों को।
फिटमेंट फैक्टर बना सबसे बड़ा सवाल, क्यों बढ़ी कर्मचारियों की चिंता?
फिटमेंट फैक्टर किसी भी वेतन आयोग का सबसे अहम हिस्सा होता है। यही तय करता है कि बेसिक पे कितनी बढ़ेगी। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 रखा गया था, जबकि अब कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि इसे 3.68 या उससे अधिक किया जाए। यदि सरकार इसे कम रखती है, तो वेतन बढ़ोतरी सीमित रहेगी, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ सकता है।
8वें वेतन आयोग से कितनी बढ़ सकती है सैलरी? आइए करें अनुमान
मान लीजिए किसी कर्मचारी की वर्तमान बेसिक सैलरी ₹30,000 है और फिटमेंट फैक्टर 3.68 किया जाता है, तो नई बेसिक सैलरी लगभग ₹1,10,000 तक पहुंच सकती है। भत्ते जोड़ने पर कुल वेतन इससे भी ज्यादा होगा। हालांकि, यह सरकार के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग जानिए संभावित तारीखें
संभावना है कि 8वां वेतन आयोग 2024 के अंत या 2025 की शुरुआत में औपचारिक रूप से गठित होगा। आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में करीब 1 से 1.5 साल का समय लग सकता है। यदि यह तय शेड्यूल में होता है, तो 1 जनवरी 2026 से नया वेतन ढांचा लागू किया जा सकता है।
कर्मचारी यूनियनों की मांग — फिटमेंट फैक्टर 3.68 से कम नहीं होना चाहिए
कई केंद्रीय कर्मचारी यूनियनों ने सरकार को ज्ञापन सौंपा है जिसमें मांग की गई है कि 8वें वेतन आयोग
में फिटमेंट फैक्टर कम से कम 3.68 रखा जाए। यूनियनों का कहना है
कि लगातार बढ़ती महंगाई के चलते पुराने फैक्टर से गुजारा मुश्किल हो गया है।
इसके साथ डीए (Dearness Allowance) को
भी 60% से ऊपर ले जाने की मांग की गई है।
किसे मिलेगा 8वें वेतन आयोग का सबसे ज्यादा फायदा?
8वां वेतन आयोग सबसे अधिक फायदा उन कर्मचारियों को देगा जिनकी वर्तमान ग्रेड पे कम है।
ग्रुप C और D लेवल के कर्मचारी सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे।
इसके अलावा पेंशनधारकों को भी
इसका प्रभावी लाभ मिलेगा क्योंकि उनकी पेंशन नए वेतन ढांचे के अनुरूप रिवाइज होगी।
मोदी सरकार और 8वां वेतन आयोग — क्या है राजनीतिक संदेश?
राजनीतिक दृष्टि से देखें तो 8वां वेतन आयोग लाना सरकार के लिए बड़ा कदम हो सकता है।
लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
2026 के आम चुनाव से पहले यह कदम कर्मचारियों के
बीच सरकार की लोकप्रियता को और मजबूत कर सकता है।
हालांकि, वित्त मंत्रालय के सामने इस फैसले का आर्थिक भार भी बड़ा मुद्दा रहेगा।











